राजस्थान सेवा नियम(Rajasthan service rules ) के अनुसार राज्य सरकार के कर्मचारियों को दिए जाने वाले अवकाश

*अध्ययन अवकाश STUDY LEAVE *

यह अवकाश राज्य सरकार के कर्मचारियों द्वारा अपने सेवाकाल के दौरान उच्च अध्ययन अथवा अनुसंधान या अपनी योग्यता अभिवृद्धि हेतु किए जाने वाले अध्ययनों के लिए दिया जाने वाला अवकाश होता है जिसमें वह कर्मचारी नियमित पाठ्यक्रम प्राप्त करने हेतु नियमित विद्यार्थी के रूप में उस पाठ्यक्रम में सम्मिलित हो सकता है

1). नियम (109) अध्ययन अवकाश-

यह नियम केवल अध्ययन अवकाश से संबंधित है सरकार के निर्देश पर किसी विशेष कार्य को करने या तकनीकी सेवाओं से संबंधित अनुसंधान के लिए विदेश इत्यादि में प्रतिनियुक्त किए गए कर्मचारियों पर यह नियम लागू नहीं होते हैं

2). अध्ययन अवकाश की देयता—

किसी भी राज्य सरकार के कर्मचारी को उसकी संपूर्ण सेवाकाल अवधि के दौरान अधिकतम 2 वर्ष का अध्ययन अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है परंतु एक बार में अधिकतम 12 माह का अध्ययन अवकाश ही स्वीकृत हो सकता है SR rules नियम 110

3). अध्ययन अवकाश स्वीकृत करने की शर्तें –

A.अध्ययन अवकाश राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों को देय हैं

B.ऐसे अस्थाई कर्मचारी जो विभाग में न्यूनतम 3 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके हो उन्हें भी अध्ययन अवकाश दे हैं परंतु ऐसी अस्थाई नियुक्ति आरपीएससी की अभिशंषा पर होनी आवश्यक है

C.20 वर्ष से अधिक सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को अध्ययन अवकाश दे नहीं होगा नियम 112

4).अध्ययन अवकाश के दौरान वेतन-
अध्ययन अवकाश के दौरान कर्मचारी को सदैव अर्ध वेतन मिलता है

5). अध्ययन अवकाशो की निरंतरता में अन्य अवकाशो का समायोजन नियम 113-

किसी भी कर्मचारी को यदि किसी अन्य अवकाश के साथ अध्ययन अवकाश स्वीकृत किया जाता है तो उसे अपना अध्ययन अवकाश ऐसे समय पर लेना चाहिए जिससे कि वह अपने अवकाश खाते में इतना बैलेंस बनाए रख सके कि उसके सेवा पर लौटने तक के लिए वह अवकाश बैलेंस पर्याप्त हो

6). अध्ययन अवधि का अध्ययन अवकाश से ज्यादा होने पर की जाने वाली प्रक्रिया नियम 114–

कर्मचारी अपने खाते के अवकाश या असाधारण अवकाश इसके साथ ले सकता है

अध्ययन अवकाश के दौरान विभाग से अनुपस्थिति
24 माह + 4 माह (खाते के अवकाश) = 28 माह
24 माह + 6 माह (असाधारण अवकाश) = 30 माह

7). अध्ययन अवकाश के लिए आवेदन पत्र नियम 115-

अध्ययन अवकाश के लिए आवेदन पत्र लेखाधिकारी या सहायक लेखा अधिकारी को दिए जाते हैं जिसमें आगे की स्वीकृति के लिए लेखा अधिकारी जांच के बाद आवेदन पत्र विभागाध्यक्ष को भेजता है

8). अध्ययन अवकाशो के साथ अन्य अवकाशो का समायोजन नियम 116–

विदेश में अवकाश का उपभोग कर रहे किसी कर्मचारी को यदि इस अवकाश के दौरान कोई पाठ्यक्रम करने की आवश्यकता हो अथवा व चाहता हो तो इसके लिए अपने अवकाश के किसी भाग को अध्ययन अवकाश में परिवर्तित करवाना आवश्यक होता है यदि वह इस प्रकार का अवकाश चाहे तो अध्ययन प्रारंभ करने से पूर्व उसे अपने प्रस्तावित अध्ययन कार्यक्रम को पाठ्यक्रम के साथ प्रस्तुत करना चाहिए

09). अध्ययन भत्ता ,नियम 117-

यदि कर्मचारी के द्वारा किया जा रहा अध्ययन सरकारी विभाग के दृष्टिकोण से विभाग में महत्वपूर्ण हो तो सरकार कर्मचारी को अध्ययन अवधि के दौरान अलग से अध्ययन भता स्वीकृत कर सकती है

10). अध्ययन अवकाश के दौरान विश्राम काल, नियम 118-

इस नियम के तहत सरकारी कर्मचारी को अध्ययन अवधि के दौरान राजस्थान सेवा नियमों के अनुसार सरकार द्वारा कुल 14 दिवस का विश्राम काल देय होता है

11). अध्ययन शुल्क, नियम 119 –

जिस अध्ययन के लिए सरकारी कर्मचारी अवकाश पर जाता है तो उस अध्ययन की किस्त कर्मचारी द्वारा ही दे होती है परंतु यदि सक्षम अधिकारी अध्ययन की प्रवृत्ति को अपने विभाग के लिए लाभदायक माने तो वह वित्त विभाग की स्वीकृति लेकर उसे अध्ययन पाठ्यक्रम की फीस अथवा किस्त का भुगतान कर सकता है

12). पाठ्यक्रम की पूर्णता का प्रमाणपत्र, नियम 120 –

कर्मचारी जिस पाठ्यक्रम का अध्ययन करने के लिए अवकाश पर है वह पूर्ण होने पर उस पाठ्यक्रम की पूर्णता का प्रमाण पत्र विभाग को जमा करवा दें यह उस कर्मचारी का नैतिक दायित्व है

13). अध्ययन अवकाश की गणना उसकी सेवा काल में करते हुए पदोन्नति एवं पेंशन योग्य सेवा के तहत की जाती है

14). अवकाश अध्ययन के बदले सेवा का बंद पत्र ,नियम 121 –

इस नियम के तहत परिशिष्ट अट्ठारह में एक बंध-पत्र कर्मचारी से नियोक्ता द्वारा भराया जाता है (दिनांक 31 मार्च 2012 से लागू) परिशिष्ट अट्ठारह के तहत शर्त पूरी नहीं होने पर दुगुनी राशि ब्याज सहित कर्मचारी द्वारा विभाग को जमा करवाना होता है

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Author: adminlive

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