2004 के पश्चात सरकारी सेवा मे लगे कार्मिक हेतु उपयोगी जानकारी मेडिक्लेम राशि का पुनर्भुगतान कैसे प्राप्त कर सकते है ?

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2004 के पश्चात सरकारी सेवा मे लगे कार्मिक हेतु उपयोगी जानकारी मेडिक्लेम राशि का पुनर्भुगतान कैसे प्राप्त कर सकते है ?

मेडिक्लेम की सुविधा 2004 के पश्चात सरकारी सेवा में भर्ती सभी कर्मचारियों के लिए लागू है जिसके अंतर्गत मेडिक्लेम पॉलिसी की जाती है मेडिक्लेम पॉलिसी के तहत कर्मचारी और उसकी पत्नी एवं उस पर आश्रित उसके माता-पिता व अवयस्क दो संतान निर्धारित चिकित्सालय में इलाज करवा सकते हैं जिसके इलाज पर खर्च राशि का भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया जाता है जिसकी एक निर्धारित प्रक्रिया होती है उस प्रक्रिया के तहत कार्यवाही पूर्ण करने के पश्चात बीमा कंपनी एक वर्ष मे तय सीमा के अंतर्गत इलाज की राशि का भुगतान उस कार्मिक को करती है—–

      1. कम से कम 24 घंटे मेडिक्लेम पॉलिसी के अंतर्गत इलाज हेतु निर्धारित किए गए अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक है।

      2. भर्ती के समय मेडिक्लेम कार्ड की फ़ोटो-कॉपी देनी होती है यदि यह उपलब्ध ना हो तो  एंप्लॉय आईडी  लिखवा कर डीडीओ  से प्रमाणित  करवा कर हॉस्पिटल में जरूर देवें।

      3. डॉक्टर द्वारा लिखी जाने वाली  पर्ची व दवा के सभी बिल संभाल कर रखें तथा यह ध्यान रखा जाए रोगी का नाम बिल पर पूरा हो।

      4. अस्पताल से मरीज की छुट्टी होने के समय ही टिकिट व रोग प्रमाण पत्र ले लेवें।

      5. मेडिक्लेम अथवा बीमा कंपनी द्वारा द्वारा निर्धारित  परफॉर्म के अनुसार सारे फॉर्म भरें।

      6. क्रमानुसार  सभी दवाई के बिल  फाइल में लगा लिए जाए और इलाज के दौरान की संपूर्ण जांच की रिपोर्ट भी साथ संलग्न करें।मेडिक्लेम कार्ड की छाया प्रति लगाएं एवं सैलरी बैंक पासबुक की छाया प्रति लगाएं।

      7. सभी भरे हुए फॉर्म के साथ इन इन सभी उपरोक्त वर्णित कागजातों को जोड़ करके करके वापस चिकित्सालय जमा कराए।

      8. अस्पताल के इलाज करने वाले चिकित्सा अधिकारी  अथवा चिकित्सक  से साइन होने के बाद-अपने DDO से इन सभी बिलों जांच एवं फॉर्म  पर साइन करावें।

      9. कम्प्यूटर द्वारा SIPF पोर्टल में मेडिक्लेम के कॉलम में सभी ऑनलाइन फॉर्म की मांग के अनुसार अपलोड कर देवे ।

      10. SIPF पोर्टल पर  फॉर्म सबमिट होने के पश्चात आप द्वारा उस में दिए गए फोन नंबर पर एक मैसेज आएगा उसे सुरक्षित रखना आवश्यक है।

      11 इसके पश्चात DDO लॉगइन से इस फॉर्म को फॉरवर्ड करवाया जाना आवश्यक है DDO से निवेदन कर इसे आगे फॉरवर्ड कराएं।

      12. सभी डॉक्यूमेंट को अपने जिले के GPF/ बीमा विभाग के कार्यालय मे जमा कराएं।

 13. इसके पश्चात जीपीएफ बीमा विभाग द्वारा DDO द्वारा फॉरवर्ड किए गए फार्म को बीमा कंपनी को फॉरवर्ड किया जाता है जहां से अपलोड किए गए संपूर्ण कागजात की जांच पड़ताल के पश्चात मापदंड के अनुसार निर्धारित इलाज के खर्च के अनुसार 2 से 3 माह में आपके पैसे आ जाएंगे। हो सकता है कि आप द्वारा बताई गई वह राशि से कुछ राशि कम आ सकती हैं।

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Author: adminlive

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