R. T. E. बारे में विस्तृत जानकारी

right-to-education

आरटीई के अंतर्गत राज्य सरकार एवं स्थानीय प्राधिकारी के कर्तव्य

1- राज्य सरकार का दायित्व बनता है कि वह एक विद्यालय स्थापित करेगी जो कि कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए 1 किलोमीटर की पैदल दूरी की सीमा में जबकि कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए 2 किलोमीटर की पैदल दूरी की सीमा में होगा
2- जहां भी आवश्यकता होगी राज्य सरकार पूर्व स्थापित प्राथमिक विद्यालय को उच्च प्राथमिक में क्रमोन्नत करेगी साथ ही वे विद्यालय कक्षा छठी से आगे संचालित है मैं आवश्यकता अनुसार कक्षा 1 से 5 को सम्मिलित करेगी
3- राज्य का दुर्गम व दूरस्थ क्षेत्र जिसकी जनसंख्या 150 और कम से कम 20 बच्चे हो वहां प्राथमिक विद्यालय की स्थापना करेगी अथवा 6 से 8 हेतु आसपास में कम से कम 2 प्राथमिक विद्यालय हो जिसमें कम से कम 30 बच्चे 1से कक्षा 5 में अध्यनरत हो राज्य सरकार का यह कर्तव्य होगा कि वह उस क्षेत्र में एक उच्च प्राथमिक विद्यालय स्थापित करेगी
4- उपरोक्त नियम 1 एवं 3 के अंतर्गत कोई विद्यालय अस्तित्व ना हो वह राज्य सरकार निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध करवाने हेतु विद्यार्थियों को निशुल्क आवागमन व्यवस्था, आवासीय एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाएंगे
5- उच्च घनत्व जनसंख्या वाले क्षेत्रों में राज्य सरकार एक ही क्षेत्र मे एक से अधिक विद्यालय स्थापित करने का विचार कर सकती है
6- आरटीई के नियम अनुसार स्थानीय प्राधिकारी पड़ोसी विद्यालय अथवा विद्यालयों जहां बच्चे प्रविष्ट हो सकते हो कि सूचना अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले वास स्थान की आम जनता को उपलब्ध कराएगा
7- राज्य सरकार एवं स्थानीय प्राधिकारी का यह दायित्व होगा कि वह निशक्त बच्चों को उचित एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था का प्रयास करें ताकि वह विद्यालय पहुंच प्राथमिक शिक्षा पूर्ण कर सके
8- राज्य सरकार स्थानीय प्राधिकारी का यह दायित्व है कि वह सुनिश्चित करें कि किसी सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारण से बच्चे विद्यालय तक पहुंचने में बाधित ना हो

आरटीआई की धारा 89 एवं 12 के प्रयोजनों हेतु

1- उपरोक्त निर्दिष्ट नियमों के अंतर्गत विद्यालय में उपस्थित होने वाला कोई बालक निशुल्क शिक्षा और विशेष रूप से निशुल्क पाठ्य पुस्तक लेखन सामग्रियों के लिए हकदार होगा परंतु निशक्तता से ग्रस्त कोई बालक निशुल्क विशेष शिक्षण और सहायक सामग्री के लिए भी हकदार होगा

2- एक अथवा एक से अधिक विद्यालयों की स्थापना का निर्धारण करने हेतु राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों का सुविधा ग्रस्त समूह दुर्बल वर्ग इत्यादि को चिन्हित करते हुए नियत तिथि से 1 वर्ष के भीतर एवं उसके बाद प्रत्येक वर्ष साला मानचित्रण करेगी और चिन्हीकरण करेगा

3- राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी का यह दायित्व है कि वह सुनिश्चित करें कि विद्यालय में कोई भी बालक जाति वर्ग धर्म या लिंग संबंधी दुर्व्यवहार से पीड़ित ना हो

4- राज्य सरकार का यह उत्तरदायित्व होगा कि वह गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने हेतु एक समुचित प्रशासनिक ढांचा तैयार करेगी

स्थानीय प्राधिकारी द्वारा बच्चों के अभिलेख का संधारण

1- स्थानीय प्राधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र के सभी बच्चों का सर्वेक्षण घर घर जाकर कर उनके जन्म से 14 वर्ष की आयु तक का अभिलेख संधारित करेगा

2- उपरोक्त अभिलेख को प्रत्येक वर्ष अद्यतन किया जाएगा

3- उपरोक्त अभिलेख में बालक के नाम लिंग जन्मतिथि जन्मस्थान संरक्षक के नाम पता व्यवसाय पूर्व प्राथमिक विद्यालय प्रारंभिक विद्यालय जहां बच्चा प्रविष्ट है बच्चे का वर्तमान पता कक्षा इत्यादि की संपूर्ण जानकारी की अपेक्षा होगी

4- स्थानीय प्राधिकारी का यह दायित्व है कि वह सुनिश्चित करें कि उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी नामांकित बच्चे जिनका नाम विद्यालय मैं नाम अंकित है का नाम विद्यालय के
के सूचना पट्ट पर प्रदर्शित होना आवश्यक हैं

प्रत्येक विद्यालय में अध्यापक शिष्य अनुपात बनाए रखना

1- प्रत्येक विद्यालय में शिक्षकों के स्वीकृत पद संख्या निजी अथवा राज्य सरकार स्थानीय प्राधिकारी के नियंत्रणाधीन उस वर्ष की वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित हो रहे छात्रों की संख्या पर निम्नांकित तरीके से आकलित की जाएगी

         ( क)- प्रत्येक वर्ष की 10 अप्रैल तक विद्यालय का प्रधानाध्यापक शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित प्रपत्र में एक प्रतिवेदन तैयार कर छात्र शिक्षक अनुपात के संबंध में मानकों के अनुरूप ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी को प्रेषित करेगा

           (ख)- ब्लॉक शिक्षा अधिकारी का यह दायित्व है कि वह अपने क्षेत्राधिकार के विद्यालयों से प्राप्त प्रतिवेदनो का निरीक्षण कर यह तय करें कि अध्यापकों के पदों का विभाग के निर्देशों एवं नियमानुसार पुनर्गठन किस प्रकार हो सकता है यदि आवश्यक हो तो वह ब्लॉक के भीतर अध्यापकों के स्थानांतरण आदेश जारी कर सकेगा उपरोक्त समस्त कार्य करते हुए वह संपूर्ण ब्लॉक का प्रतिवेदन प्रत्येक वर्ष तैयार कर जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा को 10 मई तक प्रेषित करेगा

              ( ग) -जिले के समस्त ब्लॉकों से प्राप्त प्रतिवेदनो  का निरीक्षण कर जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक विभाग द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि आवश्यक हो तो जिले के भीतर एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में अध्यापकों के स्थानांतरण आदेश जारी कर सकेगा और अध्यापकों के अधिशेष अथवा कमी का अंतिम प्रतिवेदन प्रत्येक वर्ष 20 मई तक शिक्षा निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को प्रेषित करेगा

               ( घ)- निदेशक प्रारंभिक शिक्षा राज्य का संकलित प्रतिवेदन तैयार करने का उत्तराधिकारी है यदि अध्यापकों की कमी /अधिशेष है तो उसके संबंध में उचित कदम उठाते हुए राज्य सरकार को प्रत्येक वर्ष 15 जून तक प्रतिवेदन प्रेषित करेगा

2- यदि राज्य सरकार का कोई भी व्यक्ति अथवा स्थानीय प्राधिकारी धारा 25(a )की उप धारा 2 का उल्लंघन करता है तो वह अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए व्यक्तिगत उत्तरदायी होगा

बालकों के अधिकारों का संरक्षण धारा 31 के निमित्त बालकों के अधिकारों के संरक्षण के लिए राज्य आयोग के कार्य

       इस अधिनियम की धारा 31 के निमित्त प्रारंभिक शिक्षा के बालकों के अधिकारों के अनुश्रवण के लिए परिवेदना ए सीधे ही या विभाग के माध्यम से राजस्थान राज्य आयोग को भेजी जा सकेगी

Author: adminlive

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